विचार • अनुभव • जीवन
क्या मनुष्य शरीर में ‘मन’ जैसा कोई अंग होता है,मेरा मानना है मन जैसा कोई अंग नहीं होता है।
बल्कि यह मस्तिष्क की एक गहरी कल्पना होती है।