💡 Thoughts Of Vishal Singathiya
युद्ध के लिए तैयार रहना बहादूरी है शक्ति नही होगी अगर तो इस ससांर मे सिर्फ समाजशास्त्र पढ के न जी पाओगे l
सूरज से कोई आंख नही मिलाता, चन्द्रमा से रात रात भर बैठकर देख रहे हैं लोग । कोई कह रहा है मामा है, कोई कह रहा है रोटी दिख रही है ओर कोई कह रहा है मेरे महबूब की प्रतिछाई है।
बल्कि सूरज से ये सब नहीं !
बस मन के भाव 😊