💡 Thoughts Of Vishal Singathiya
जिस प्रकार से तन बीमार होता है उसी प्रकार से मन भी बीमार होता है |
पर अन्तर ये है तन बीमार होने पर हम खट से डॉक्टर के पास चले जाते है परन्तु मन बीमार हुआ उसे लेकर घूम रहे है ऐसे ही |
क्या मतलब है इस बात का किसी बढ़िया मनोवैज्ञानिक से मिलना उतना ही जरूरी है जितना खासी या बुखार होने पर डॉक्टर से मिलते है "तो मन भी तो बीमार होता है"
~ ✍️विशाल